राज्य में पुलिस प्रोटेक्शन रहते पॉलिटिकल मर्डर हुआ : कासु महेश रेड्डी
Political Murder took Place
( अर्थ प्रकाश / बोम्मा रेडड्डी )
पलनाडू : : (आंध्र प्रदेश)15 जनवरी - राज्यके गुरज़ाला के पूर्व विधायक कासु महेश रेड्डी ने कहा कि पिनेली गांव के वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के एक्टिविस्ट सलमान की लोकल पुलिस के प्रोटेक्शन में तेलुगु देशम नेताओं ने बेरहमी से हत्या कर दी, जिससे राज्य में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह से खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि यह हमला विधायक यारापथिनेनी श्रीनिवास राव और दाचेपल्ली सर्कल इंस्पेक्टर पोन्नुरु भास्कर के सपोर्ट से हुआ। उनके मुताबिक, जब से कोएलिशन सरकार सत्ता में आई है, पिनेली के सैकड़ों परिवार डर के मारे गांव छोड़ने को मजबूर हो गए हैं, और सलमान उनमें से एक था जो ज़िंदा रहने के लिए बाहर चला गया था।
कासु महेश रेड्डी ने कहा कि सलमान हाल ही में अपनी बीमार पत्नी से बात करने के लिए पिनेली अपने घर लौटा था, तभी तेलुगू लेसन पार्टी के नेताओं ने उस पर हमला कर दिया लंबे रूप से पीटा था घायल कर दिया था जिससे। वह बुरी तरह घायल हो गया, कोमा में चला गया, और तीन दिन तक हॉस्पिटल में ज़िंदगी और मौत से लड़ने के बाद, उसने दम तोड़ दिया। पुलिस तमाशा देखते रहे कुछ नहीं कर पाई हैरानी की बात है कि हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, पुलिस ने सलमान के खिलाफ ही केस दर्ज कर लिया बहुत बड़ा प्रमाणिक राजनीतिक प्रेरित हत्या ही माना जा रहा है,
वो मारपीट के बाद वह कोमा में चला गया था , और जिन्होंने उन्हें मारने की कोशिश की, उनके खिलाफ सिर्फ हल्की धाराएं लगाईं।
उन्होंने कहा कि सलमान का अंतिम संस्कार कल पिनेली में होगा, और जनता जानना चाहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और नारा लोकेश नैतिकता और शासन के गलत तौर तरीके का भ्रष्टाचार का प्रश्न करना और उन्हें प्रताड़ित करना पुलिस के द्वारा मारपीट करवाना कारण जेल में रखना क्या यह संविधान ऐसा करने की छूट देता है क्या इस तरह के कई हजारों लोग प्रताड़ित हैं जो गांव छोड़कर जा रहे हैं क्या भारत की प्रजातांत्रिक सिद्धांत आंख नहीं खोल सकती इस पर देखा नहीं सकती यह प्रश्न उठा रही है जनता इतना ही नहीं गठबंधन सरकार की भारी निंदा कर रही है राज्य की जनता।
विदित हो इसी क्षेत्र के इसी गांव के करीब 1,500 लोग डर के मारे बाहर रह रहे हैं। उन्होंने इस घटना को सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि एक ऐसी सरकार पर आरोप बताया जिसने न्यायोचित कानून लागू करने की मांग करने वालों को राजनीतिक हिंसा पुलिस के सहारे से के आगे सरेंडर कर क्या जेल में मारपीट कर हत्या करने कहता है यही प्रश्न है जनता का ...?